राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: जांच में तेजी, जेल पहुंची पुलिस टीम, आरोपितों से हुई लंबी पूछताछ
Ram Mandir offering theft case
अयोध्या। Ram Mandir offering theft case, राम नगरी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर के मंदिरों के चढ़ावा और अन्य बहुमूल्य चोरी करने के आठों आरोपितों पर पुलिस का शिकंजा कस रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी की प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट पर आठ नामजद सहित एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और आठों को जेल भेजा गया है।
राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की विवेचना अब गति पकड़ रही है। अयोध्या के सीओ आशुतोष त्रिपाठी को पुलिस की तरफ के जांच अधिकारी बनाया गया है और उन्होंने पड़ताल शुरु कर दी है। इस केस में आरोपित अविनाश शुक्ला को शुक्रवार को 24 की रिमांड पर लेने के बाद पुलिस काफी कुछ पता कर चुकी है। सीओ रविवार को अपनी टीम के साथ अयोध्या जेल पहुंचे।
राम मंदिर से चढ़ावा चोरी होने के प्रकरण में पुलिस ने जेल में पांच आरोपितों से पूछताछ की। सीओ आशुतोष त्रिपाठी की टीम ने अनुकल्प व लवकुश मिश्रा के साथ ही रामशंकर यादव टिन्नू, करुणेश व मनीष पाण्डेय से भी पूछताछ की।
पुलिस ने तैयार की सवालों की लिस्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपितों से अयोध्या पुलिस जेल के इंट्रोगेशन रूम में अलग-अलग पूछताछ कर रही है। पुलिस चोरी की रकम, आपसी साठगांठ, नौकरी, बैंक खातों, संपत्ति और जेवरात से जुड़े सवाल पूछ रही है। इसके बाद सभी आरोपितो के बयानों का मोबाइल डेटा व सीसीटीवी फुटेज से मिलान किया जाएगा।
दूसरे आरोपितों को भी रिमांड पर लेने की तैयारी
अविनाश शुक्ला के बाद अब पुलिस दूसरे आरोपितों को भी रिमांड पर लेने की तैयारी में लगी है। सीओ आशुतोष त्रिपाठी के आज जिला कारागार में पहुंचने पर अनुमान लगाया जा रहा है कि पुलिस जेल में भी आरोपितों के बयान ले सकती है। शनिवार को 13 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान आरोपित अविनाश शुक्ला को पुलिस ने अयोध्या में उसके हर ठिकाने पर ले जाकर पूछताछ की और चारपहिया वाहन समेत अन्य सामान बरामद करने में सफल रही। इसके बाद पुलिस को इस केस में अब जल्दी बड़ी सफलता की उम्मीद है। विवेचक का रुख अब न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद अन्य आरोपितों की ओर है। पुलिस जल्द ही न्यायालय में प्रार्थनापत्र देकर जेल में निरुद्ध अन्य आरोपितों के बयान दर्ज करने की अनुमति मांग सकती है। पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आने पर पुलिस उनका कस्टडी रिमांड भी मांग सकती है। अविनाश शुक्ला से रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद पुलिस को चढ़ावा से चोरी की गई रकम और उससे जुड़े अन्य पहलू भी सामने आने की उम्मीद है।